25 वह बल और प्रताप का पहरावा पहने रहती है,
और आनेवाले काल के विषय पर हँसती है31:25 आनेवाले काल के विषय पर हँसती है: अर्थात् वह चिन्तित होकर भविष्य को नहीं देखती परन्तु आत्म-विश्वास के साथ हर्ष से देखती है।।
26 वह बुद्धि की बात बोलती है31:26 वह बुद्धि की बात बोलती है: एक सच्ची पत्नी के मुख से निकलने वाले वचन श्रोताओं के लिए नियम निर्धारक मार्गदर्शन एवं निर्देशन स्वरूप होते हैं।,
और उसके वचन कृपा की शिक्षा के अनुसार होते हैं।