बुद्धि के लाभ
1 हे मेरे पुत्रों, पिता की शिक्षा सुनो,
और समझ प्राप्त करने में मन लगाओ।
2 क्योंकि मैंने तुम को उत्तम शिक्षा दी है;
मेरी शिक्षा को न छोड़ो।
3 देखो, मैं भी अपने पिता का पुत्र था,
और माता का एकलौता दुलारा था,
4 और मेरा पिता मुझे यह कहकर सिखाता था,
"तेरा मन मेरे वचन पर लगा रहे;
तू मेरी आज्ञाओं का पालन कर, तब जीवित रहेगा।
5 बुद्धि को प्राप्त कर, समझ को भी प्राप्त कर;
उनको भूल न जाना, न मेरी बातों को छोड़ना।
6 बुद्धि को न छोड़ और वह तेरी रक्षा करेगी;
उससे प्रीति रख और वह तेरा पहरा देगी।