19 वह तेरे लिए प्रिय हिरनी या सुन्दर सांभरनी के समान हो,
उसके स्तन सर्वदा तुझे सन्तुष्ट रखें,
और उसी का प्रेम नित्य तुझे मोहित करता रहे।
20 हे मेरे पुत्र, तू व्यभिचारिणी पर क्यों मोहित हो,
और पराई स्त्री को क्यों छाती से लगाए?
19 वह तेरे लिए प्रिय हिरनी या सुन्दर सांभरनी के समान हो,
उसके स्तन सर्वदा तुझे सन्तुष्ट रखें,
और उसी का प्रेम नित्य तुझे मोहित करता रहे।
20 हे मेरे पुत्र, तू व्यभिचारिणी पर क्यों मोहित हो,
और पराई स्त्री को क्यों छाती से लगाए?