27 क्या हो सकता है कि कोई अपनी छाती पर आग रख ले;
और उसके कपड़े न जलें?
28 क्या हो सकता है कि कोई अंगारे पर चले,
और उसके पाँव न झुलसें?
29 जो पराई स्त्री के पास जाता है, उसकी दशा ऐसी है;
वरन् जो कोई उसको छूएगा वह दण्ड से न बचेगा।
27 क्या हो सकता है कि कोई अपनी छाती पर आग रख ले;
और उसके कपड़े न जलें?
28 क्या हो सकता है कि कोई अंगारे पर चले,
और उसके पाँव न झुलसें?
29 जो पराई स्त्री के पास जाता है, उसकी दशा ऐसी है;
वरन् जो कोई उसको छूएगा वह दण्ड से न बचेगा।