14 तब स्त्रियों ने नाओमी से कहा, "यहोवा धन्य है, जिसने तुझे आज छुड़ानेवाले कुटुम्बी के बिना नहीं छोड़ा; इस्राएल में इसका बड़ा नाम हो। 15 और यह तेरे जी में जी ले आनेवाला और तेरा बुढ़ापे में पालनेवाला हो, क्योंकि तेरी बहू जो तुझ से प्रेम रखती और सात बेटों से भी तेरे लिये श्रेष्ठ है उसी का यह बेटा है।" 16 फिर नाओमी उस बच्चे को अपनी गोद में रखकर उसकी दाई का काम करने लगी। 17 और उसकी पड़ोसिनों ने यह कहकर, कि "नाओमी के एक बेटा उत्पन्न हुआ है", लड़के का नाम ओबेद4:17 ओबेद: अर्थात् सेवक उसने इस विचार से उसको यह नाम दिया कि वह अपनी दादी नाओमी की प्रेम से सेवा करेगा रखा। यिशै का पिता और दाऊद का दादा वही हुआ। (मत्ती 1:6)