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याकूब 1

परमवर परनहीं

12 धनवह मन, परें िरहतै; ोंि वह खरिकलकर वन वह एगा, िसकरतिरभअपनकरनों ै। 13 जब िपरो, वह यह कहे, ि परपरमवर ओर ै; ोंि ों परमवर परसकतै, और वह िपरआप करतै। 14 परनरतयकि अपनअभिें िंचकर, और सकर परें पडै। 15 िअभिगरभवतकर जनतऔर बढउतपनकरतै।

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