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1 सलातीन 2

ऊद आखिियत

1 और ऊद मरनिनजकआए, तब उसनअपनवसयत और कहि, 2 "ैं उसूँ जहै; इसलिमजऔर मरनगिा। 3 और शरी’अत ें िै, उसकि़ुवनअपऩुियत नकर उसकों पर चल; और उसक़ापर और उसकरमों और ों और शहदतों पर 'अमल कर, ि करऔर जहाँ कहीं , सब ें मयो, 4 और ़ुवनअपनउस ़ाईम रखे, उसनहकें कहि, 'अगर औलअपनि़ाकरकअपनिऔर अपनमनसचचले, इसईल तख़्पर यहाँ आदमकमी।

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