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1 Reis 8

अहद सऩुवनघर ें रख

1 तब इसईल ़ुों और ों सब सरदों ो, बनइसईल आब़ाों रईस े, अपनशलें जमा' िि वह ऊद शहर े, िै, ़ुवन'अहद सनआएँ। 2 इसलिउस 'ईद ें इसईल सब ऐतें, तवाँ महै, दशजमा' 3 और इसईल सब ़ुआए, और िों सनउठा। 4 और वह ़ुवनसनो, और ़ेइजितमा’ो, और उन सब दस बरतनों ़ेअनदर आए; उनकिऔर े। 5 और दशऔर उसकइसईल जमा’अत े, उसकजमा' ी, सनमनखड़े कर इतनबकरिाँ और बह िि उनककसरत वजह उनकिनतिसका। 6 और ि़ुवन'अहद सनउसकजगह पर, उस घर इलमगें, ा’कतरमकें 'ऐन करिों ़ुआए7 ूँि करअपऩुसनजगह ऊपर े, और वह करसनऔर उसकों ऊपर ाँे। 8 और वह ें ऐसलमीं उन ोंों िमकइलमगमनिे, िहर नहीं िे। और वह आज तक वहीं ैं। 9 उस सनें िपतथर उन ों िनकवहाँ िें रख िा, िवक़़्ुवनबनइसईल जब वह ििकल आए, 'अहद ाँा। 10 िऐसि जब िमकहर िकल आए, ़ुवनघर अबभर गया: 11 इसलििउस अबवजह ़िदमत िखड़े सके, इसलिि ़ुवनघर उसकजलभर गया। 12 तब कहि "़ुवनरमि वह गहरें रहा। 13 ैंहक़ीें एक घर रहनि, बलि हमनत एक जगह बनै।" 14 और दशअपनुँऔर इसईल जमा’अत बरकत ी, और इसईल जमा’अत खड़ी रही; 15 और उसनकहि ़ुवनइसईल ़ुरक ो! िसनअपनुँऊद कलिा, और उसअपनयह कह कर िि। 16 "ििैं अपऩौइसईल ििा, ैंइसईल सब ों ें िशहर नहीं ि एक घर बन, ि वहाँ ो; िैंऊद िि वह ़ौइसईल पर िो। 17 और ऊद िें ि ़ुवनइसईल ़ुिएक घर बन18 ि़ुवनऊद कहा, 'ूँि िएक घर बऩ्िें ा, तब अचिि अपनिें ऐसा; 19 उस घर बना, बलि िकलवह िघर बनएगा। 20 और ़ुवनअपन, उसनकही, ़ाईम ै; ूँि ैं अपनऊद जगह उठूँ, और ़ुवना’िा, ैं इसईल तख़्पर ूँ और ैं़ुवनइसईल ़ुिउस घर बनै। 21 और ैंवहाँ एक जगह उस सनिरर कर ै, िसमें ़ुवनवह 'अहद उसनहमे, जब वह उनकििा, ाँा।" 22 और इसईल जमा’अत मऩुवनमजबह आगखड़े कर अपनआसमतरफ़ै23 और कहा, ़ुवन, इसईल ़ुा! तरह ऊपर आसमें, पर ़ुै; अपनउन बनों िमनअपनिचलतैं, 'अहद और रहमत िरखतै। 24 अपनबनऊद हकें वह ़ाईम रखी, िसकउससा’िा; अपनुँरमऔर अपनउसिा, आज िै। 25 इसलिअब ़ुवनइसईल ़ुा! अपनबनऊद उस ़ौकर उससिि 'आदमिों मनइसईल तख़्पर ठनकमी; बशरि औल, मनचलतरहमनचलनि, अपनएहतिरखखे। 26 इसलिअब इसईल ा, वह ़ौसचिि, अपनबनऊद िा। 27 ि़ुहक़ीें पर नत करा? , आसमबलि आसमों आसमें समनहीं सकता, यह घर नहीं िैंबना। 28 ी, ़ुवऩुा, अपनबनऔर िकरके, उस िऔर बनआज िमनकरतै, 29 ि ें इस घर तरफ़, ा’उसजगह तरफिसकि' रमि 'ैं अपनवहाँ रखूँा,' िऔर रहें; ि उस बनइस मक़ातरफकरककरा। 30 और अपनबनऔर अपऩौइसईल ो, जब वह इस जगह तरफ करककरें ा, बलि आसमपर नत ा, और नकर ु’आफकर ा। 31 "अगर शख़्अपनपड़ौकरे, और उससम ििउसकहलि, और वह आकर इस घर ें मजबह आगसम : 32 आसमपर नकर 'अमल करनऔर अपनबनों इनकरना, और बदकपर तवलगकर उसक'आमउसिलना, और िसचठहरकर उसकसदिउसबदला। 33 जब ़ौइसईल करनि' अपनमनों िकसऔर ितरफू' और इकरकरकइस घर ें और करे; 34 आसमपर नकर अपऩौइसईल ु’आफकरना, और उनकइस ें उनकििआना। 35 "जब इस वजह ि उनोंिो, आसमबनऔर िो, और वह इस मक़ातरफकरककरें और इककरें, और अपनआएजब उनके; 36 आसमपर कर अपनबनों और अपऩौइसईल ु’आफकर ा, ूँि उनकउस अचा’िपर उनकचलनै, और अपनपर िअपऩौििै, बरसा। 37 "अगर ें ो, अगर वबो, अगर समिकमलो, अगर उनकमन उनकशहरों ें उनकें, रजबलो; 38 और िएक शख़़्ौइसईल तरफी, िनमें हर शख़्अपनिनकर अपनइस घर तरफ; 39 आसमपर नतगनकर ु’आफकर ा, और ऐसकरनि हर आदमो, िसकिनतै, उसचलन िबदला; ूँि िसब बनआदम िों नतै; 40 ि ितनदत तक वह उस ें िहमि़िरहें, ़ौे। 41 'अब रहवह परद़ौइसईल ें नहीं ै, वह जब ़ािआए, 42 ूँि वह ़ुऔर और लऩू ेंइसलिजब वह आए और इस घर तरफकरककरे, 43 आसमपर नत ा, और िििवह परदरयकरउसकिकरना, ि सब ़ौें बनइसईल िपहचें, और ें ि यह घर िैंबनकहलै। 44 'अगर िउनके, अपनमनों लडिकलें, और वह ़ुवनउस शहर तरफिै, और उस घर तरफिैंिबनै, करककरें, 45 आसमपर उनकऔर नकर उनकियत करना। 46 'अगर वह करें ूँि ऐसआदमनहीं करतऔर उनसकर उनकमन हवकर े, ऐसि वह मन उनक़ुकरकअपनें , ़्वह नज, 47 अगर वह उस ें जहाँ वह ़ुकर पहुँगए, ें आयें और ू' ें और अपऩुकरनों ें झसकरें और कहें ि हम िा, हम ़ी चले, और हम शररत ी; 48 इसलिअगर वह अपनमनों ें उनक़ैकरकगए, अपनिऔर अपनतरफिें और अपनतरफ़, उनकिा, और इस शहर तरफ़, ििा, और इस घर तरफ़, ैंिबनै, करककरें, 49 आसमपर े, नत ै, उनकऔर नकर उनकियत करना, 50 और अपऩौो, िसनिा, और उनकसब ो, उनस़िसरजों, ु’आफकर ा, और उनक़ुकरनों आगउन पर रहम करनि वह उन पर रहम करें। 51 ूँि वह ़ौऔर ैं, ििभटें िा। 52 ें बनऔर ़ौइसईल तरफरहें, ि जब कभवह िकरें, उनके; 53 ूँि सब ़ौों ें उनकअलग िि वह ों, ि़ुवन, अपनबनि' रमा, िवक़्हमििा।" 54 और ऐसि जब ़ुवनयह सब कर ा, वह ़ुवनमजबह मने, जहाँ वह अपनआसमतरफटना, उठा। 55 और खड़े कर इसईल जमा’अत आवबरकत और कहा, 56 "़ुवन, िसनअपनसब ा’ों िअपऩौइसईल आरबख़्रक ो; ूँि अचा’उसनअपनबनि' िा, उसमें एक ़ागई57 ़ुवनहम़ुहमरहवह हमरहा, और हम तरकऱे। 58 ि वह हमिों अपनतरफइल करि हम उसकसब ों पर चलें, और उसकरमों और ़ाऔर अहको, उसनहमिें। 59 और यह ें िनकैं़ुवनमनें िै, िऔर ़ुवनहम़ुनजरहें, ि वह अपनबनऔर अपऩौइसईल हर िरत िे; 60 िसससब ़ौें ें ि ़ुवऩुऔर उसकिऔर नहीं। 61 इसलििआज तरह ़ुवनहम़ुउसक़ापर चलने, और उसकों ननििरहे।" 62 और दशऔर उसकइसईल ़ुवनमऩुी। 63 सलमतों ़ु़ुवनमनशकीं उसमें उसनईस हज़ाऔर एक हज़ा़ें ीं। ऐसदशऔर सब बनइसईल ़ुवनघर मख़्िा। 64 उसिदशसहन दरिि़ुवनघर मनदस िा, ूँि उसनवहीं ़्तऩुऔर नज़ुऔर सलमतों चरी, इसलिि तल मजबह ़ुवनमना, इतनि उस पर ़्तऩुऔर नज़ुऔर सलमतों चरिइश ी। 65 इसलिऔर उसकइसईल, ा’एक बड़ी जमा’अत, हममदखकर िनहर तक आई ी, ़ुवनहम़ुमनिऔर ििऔर, ा’दह ि, 'ईद मन66 और आठवें िउसनउन ों सत कर िा। तब उनोंदशरकबी, और उस ि' ़ुवनअपनबनऊद और अपऩौइसईल ी, अपनों िें ़ुऔर ़ुकर गए

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