4 "ऐ ख़ुदावन्द!
कौन तुझ से न डरेगा? और कौन तेरे नाम की बड़ाई न करेगा?
क्यूँकि सिर्फ़ तू ही क़ुद्दूस है;
और सब क़ौमें आकर तेरे सामने सिज्दा करेंगी,
क्यूँकि तेरे इन्साफ़ के काम ज़ाहिर हो गए हैं।"
4 "ऐ ख़ुदावन्द!
कौन तुझ से न डरेगा? और कौन तेरे नाम की बड़ाई न करेगा?
क्यूँकि सिर्फ़ तू ही क़ुद्दूस है;
और सब क़ौमें आकर तेरे सामने सिज्दा करेंगी,
क्यूँकि तेरे इन्साफ़ के काम ज़ाहिर हो गए हैं।"