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रसूलों के आ'माल 16

10 उस ़्खतहम ़ौरन मकििें ईरिा, ूँि हम इस समझि ़ुउनें ़ुशखबरिहम ै।

11 पस, आस शहर जहपर रवकर हम मति ें और सरिििशहर ें आए12 और वहाँ ़ििशहर ें पहुँे, मकििें और उस ़िमत सदऔर िों बसऔर हम चनउस शहर ें रहे। 13 और सबत िशहर दरव़े हर नदिगए, जहाँ समझि करनजगह और कर उन औरतों इकटीं, कलकरनलगे।

14 और शहर एक ़ुपरसऔरत िी, ़िरमि़ी चननती, उसकि़ुवनि ों पर तवजकरे। 15 और जब उस अपनघरसमबपतिििनत कर कहि "अगर ़ुवनईमनदबनसमझतचल कर घर ें रहो" पस, उसनहमें मजबिा।

16 जब हम करनजगह रहे, ऐसि हमें एक ौंििें ें ी, ़ैअपनिों िबहकमी। 17 े, और हमआकर िलग"ि आदम़ुबनैं ें नजबतैं।"

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