पाक रूह का आना
1 जब ईद — ए — पन्तिकुस्त2:1 ईद — ए — पन्तिकुस्त ईद फ़सह के पचास इन बाद पेन्तिकुस्त का दिन है का दिन आया। तो वो सब एक जगह जमा थे। 4 और वो सब रूह — उल — क़ुद्दूस से भर गए और ग़ैर ज़बान बोलने लगे, जिस तरह रूह ने उन्हें बोलने की ताक़त बख़्शी।