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Daniel 3

नबकदनज

1 नबकदनजदशएक रत बनविसकलमऔर ़ा: ी, और उसें खड़ा िा। 2 तब नबकदनजदशों ि ़िों और िों और सरदों और ़ा़िों और ़ाँिों और सलहकों और ़्िों और तमों 'उहदों जमा' करें, ि वह उस रत 'इज़़्िों िसकनबकदनजदशखड़ा िा। 3 तब ़ि, और ि, और सरद, और ़ा़ी, और ़ाँी, और सलहक, और ़्और ों तम'उहद, उस रत 'इज़्ििनबकदनजदशखड़ा िजमा' ; और वह उस रत मनिसकनबकदनजखड़ा िा, खड़े 4 तब एक 'ऐलकरनबलनआवकर कहा, ों, उममतों, और ़्तलिें लनों! ियह ि 5 िवक़्रना, और े, और ि, और रब, और बरबत, और चग़ाा, और हर तरह आवो, उस रत मनिसकनबकदनजदशखड़ा ििकर िकरो। 6 और िकर िकरे, उसवक़्आग जलतभटें एगा। 7 इसलििवक़्सब ों रना, और े, और ि, और रब, और बरबत, और हर तरह आवी, सब ों और उममतों और ़्तलिें लनों उस रत मने, िसकनबकदनजदशखड़ा िा, िकर ििा। 8 तब उस वक़्चनकसदिों आकर यहिों पर इल़ालगा। 9 उनोंनबकदनजदशकहा, दश, हमतक रह! 10 दश, यह रमिि रना, और े, और ि, और रब, और बरबत, और ़ाा, और हर तरह आवे, िकर रत िकरे। 11 और िकर िकरे, आग जलतभटें एगा। 12 अब चनयहैं, िनक़िपर रर िै, ा’सदरक और सक और 'अबदनजू, इन आदमिों े, दश, ा’़ीनहीं ी। वह ा’ों इबदत नहीं करते, और उस रत िखड़ा ििनहीं करते। 13 तब नबकदनजहर िि सदरक और सक और 'अबदनज़िकरें। और उनोंउन आदमिों दशमऩििा। 14 नबकदनजउनसकहा, सदरक और सक और 'अबदनजयह सच ि ा’ों इबदत नहीं करतो, और उस रत िखड़ा ििनहीं करते? 15 अब अगर रहि िवक़्रना, और े, और ि, और रब, और बरबत, और चग़ाा, और हर तरह आवो, उस रत मनबनविकर िकरहतर, िअगर िकरे, उसवक़्आग जलतभटें ओगऔर ा’़ाएगा? 16 सदरक और सक और 'अबदनजदश'अरिि "नबकदनज, इस ें हम जवनहीं समझते। 17 , हम़ुिसकहम इबदत करतैं, हम आग जलतभट़ा़ुदरत रखतै, और दशवहहम ़ाएगा। 18 और नहीं, दशा’ि हम ा’ों इबदत नहीं करेंे, और उस रत खड़ी िनहीं करेंे। 19 तब नबकदनज़ुभर गया, और उसकहरसदरक और सक और 'अबदनजपर बदल गया, और उसनिि भटा’़्करें। 20 और उसनअपनलशकर चनतवर पहलवों िि सदरक और सक और 'अबदनजाँकर आग जलतभटें ें। 21 तब यह मरअपनों ों और 'अमों ाँगए, और आग जलतभटें ेंिगए22 इसलिूँि दशऔर भटऑच ियत ी, इसलिसदरक और सक और अबदनजउठआग ो’ों हलगए; 23 और यह आदमा’सदरक और सक और अबदनजू, आग जलतभटें पड़े। 24 तब नबकदनजदशसरकर जलउठा, और अरकलत ़ािकर कहनलगा, हम शख़्ों धवकर आग ें नहीं डलवा?" उनोंजविा, दशसच रमै। 25 उसनकहा, ो, ैं शख़्आग ें िरतखतूँ, और उनकनहीं पहुँा; और रत इलहज़ातरह ै। 26 तब नबकदनजआग जलतभटदरव़े पर आकर कहा, सदरक और सक और अबदनजू, ़ुत’आलबनो! हर िकलऔर इधर आओ! इसलिसदरक और सक और अबदनजआग िकल आए27 तब ़िों और िों और सरदों और दशसलहकों जमा' कर उन शख़्ों पर नजी, और ि आग उनकबदनों पर असर िऔर उनकिएक जला, और उनकें आयऔर उनसआग जलनआती। 28 तब नबकदनजकर कहा, ि "सदरक और सक और 'अबदनज़ुरक ो, िसनअपनिकर अपनबनों िबख़्ी, िोंउस पर भरकरकदशिा, और अपनबदनों ििि अपऩुअलिसरा’इबदत और बनदगकरें। 29 इसलिैं यह रमकरतूँ ि ़ौउममत अहल ़ु, सदरक और सक और 'अबदनज़ुहकें िकहें उनककड़े कड़े िऔर उनकघर मजबले, ूँि सरा’नहीं इस तरह िसके।" 30 िदशसदरक और सक और 'अबदनजें सरफिा।

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