12 क्यूँकि हिकमत वैसी ही पनाहगाह है जैसे रुपया,
लेकिन 'इल्म की ख़ास खू़बी ये है कि हिकमत साहिब — ए — हिकमत की जान की मुहाफ़िज़ है।
12 क्यूँकि हिकमत वैसी ही पनाहगाह है जैसे रुपया,
लेकिन 'इल्म की ख़ास खू़बी ये है कि हिकमत साहिब — ए — हिकमत की जान की मुहाफ़िज़ है।