11 और अंधेरे के बे फल कामों में शरीक न हो, बल्कि उन पर मलामत ही किया करो। 12 क्यूँकि उन के छुपे हुए कामों का ज़िक्र भी करना शर्म की बात है।
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11 और अंधेरे के बे फल कामों में शरीक न हो, बल्कि उन पर मलामत ही किया करो। 12 क्यूँकि उन के छुपे हुए कामों का ज़िक्र भी करना शर्म की बात है।