15 पस ग़ौर से देखो कि किस तरह चलते हो, नादानों की तरह नहीं बल्कि अक़्लमंदों की तरह चलो; 16 और वक़्त को ग़नीमत जानो क्यूँकि दिन बुरे हैं।
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15 पस ग़ौर से देखो कि किस तरह चलते हो, नादानों की तरह नहीं बल्कि अक़्लमंदों की तरह चलो; 16 और वक़्त को ग़नीमत जानो क्यूँकि दिन बुरे हैं।