Pular para o conteúdo
Publicidade

ख़ुरुज 20:18-26

18 और सब लोगों ने बादल गरजते और बिजली चमकते और करना की आवाज़ होते और पहाड़ से धुआँ उठते देखा, और जब लोगों ने यह देखा तो काँप उठे और दूर खड़े हो गए; 19 और मूसा से कहने लगे, "तू ही हम से बातें किया कर और हम सुन लिया करेंगे; लेकिन ख़ुदा हम से बातें न करे, ऐसा न हो कि हम मर जाएँ।" 20 मूसा ने लोगों से कहा, "तुम डरो मत, क्यूँकि ख़ुदा इसलिए आया है कि तुम्हारा इम्तिहान करे और तुम को उसका ख़ौफ़ हो ताकि तुम गुनाह न करो।" 21 और वह लोग दूर ही खड़े रहे और मूसा उस गहरी तारीकी के नज़दीक गया जहाँ ख़ुदा था।

क़ुर्बानगाह का सही इस्तेमाल

22 और ख़ुदावन्द ने मूसा से कहा, तू बनी — इस्राईल से यह कहना कि 'तुम ने ख़ुद देखा कि मैंने आसमान पर से तुम्हारे साथ बातें कीं। 23 तुम मेरे साथ किसी को शरीक न करना, या’नी चाँदी या सोने के देवता अपने लिए न गढ़ लेना। 24 और तू मिट्टी की एक क़ुर्बानगाह मेरे लिए बनाया करना, और उस पर अपनी भेंड़ बकरियों और गाय — बैल की सोख़्तनी कु़र्बानियाँ और 20:24 1:सलामती की क़ुरबानी यारि फाकतीक़ुरबानी, या सेहतमंदी की क़ुर्बानी, यह सब जानवरों की क़ुरबानी को ज़ाहिर करते हैं जो जलाए नहीं जाते — इन का गोश्त काहिनों और परिस्तारों में तक़सीम करदिया जाता था — इस क़ुरबानी का मक़सद था कि किसी के साथ मेलजोल या रिफाक़त बहाल रखी जाए — इन कुर्बानियों का ज़िकर अह्बार के तीसरे बाब में किया गया है — सलामती की क़ुर्बानियाँ पेश करना और जहाँ — जहाँ मैं अपने नाम की यादगारी कराऊँगा वहाँ मैं तेरे पास आकर तुझे बरकत दूँगा। 25 और अगर तू मेरे लिए पत्थर की क़ुर्बानगाह बनाए तो तराशे हुए पत्थर से न बनाना, क्यूँकि अगर तू उस पर अपने औज़ार लगाए तो तू उसे नापाक कर देगा। 26 और तू मेरी क़ुर्बानगाह पर सीढ़ियों से हरगिज़ न चढ़ना ऐसा न हो कि तेरा नंगापन उस पर ज़ाहिर हो।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.