5 वैसा ही मिज़ाज रखो जैसा मसीह ईसा का भी था;
6 उसने अगरचे ख़ुदा की सूरत पर था,
ख़ुदा के बराबर होने को क़ब्ज़े के
रखने की चीज़ न समझा।
7 बल्कि अपने आप को ख़ाली कर दिया
और ख़ादिम की सूरत इख़्तियार की
और इंसान ों के मुशाबह हो गया।
8 और इंसानी सूरत में ज़ाहिर होकर अपने आप को पस्त कर दिया और यहाँ तक फ़रमाँबरदार रहा कि मौत बल्कि
सलीबी मौत गंवारा की।
9 इसी वास्ते ख़ुदा ने भी उसे बहुत सर बुलन्द किया
और उसे वो नाम बख़्शा जो सब नामों से आ’ला है
10 ताकि 'ईसा के नाम पर हर एक घुटना झुके;
चाहे आसमानियों का हो चाहे ज़मीनियों का, चाहे उनका जो ज़मीन के नीचे हैं।
11 और ख़ुदा बाप के जलाल के लिए
हर एक ज़बान इक़रार करे कि 'ईसा मसीह ख़ुदावन्द है।