6 उसने अगरचे ख़ुदा की सूरत पर था,
ख़ुदा के बराबर होने को क़ब्ज़े के
रखने की चीज़ न समझा।
7 बल्कि अपने आप को ख़ाली कर दिया
और ख़ादिम की सूरत इख़्तियार की
और इंसान ों के मुशाबह हो गया।
8 और इंसानी सूरत में ज़ाहिर होकर अपने आप को पस्त कर दिया और यहाँ तक फ़रमाँबरदार रहा कि मौत बल्कि
सलीबी मौत गंवारा की।