14 सब के साथ मिल कर सुलह — सलामती और क़ुद्दूसियात के लिए जिद्द — ओ — जह्द करते रहें, क्यूँकि जो पाक नहीं है वह ख़ुदावन्द को कभी नहीं देखेगा।
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14 सब के साथ मिल कर सुलह — सलामती और क़ुद्दूसियात के लिए जिद्द — ओ — जह्द करते रहें, क्यूँकि जो पाक नहीं है वह ख़ुदावन्द को कभी नहीं देखेगा।