6 बल्कि किसी ने किसी मौक़े पर ये बयान किया है,
"इंसान क्या चीज़ है जो तू उसका ख़याल करता है?
या आदमज़ाद क्या है जो तू उस पर निगाह करता है?
6 बल्कि किसी ने किसी मौक़े पर ये बयान किया है,
"इंसान क्या चीज़ है जो तू उसका ख़याल करता है?
या आदमज़ाद क्या है जो तू उस पर निगाह करता है?