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Lamentações 3

़ुभरें उम

1 ैं वह शख़्ूँ िसनउसका।

2 वह रहबर , और शनें नहीं, बलि ें चला;

3 यक़ीनन उसकिभर ़ािकरतरहा।

4 उसनऔर चमड़ा ़ुकर िा,

और हडिाँ ीं,

5 उसनों तरफें

और कडहट और मशक़्िा;

6 उसनलमवक़्ों तरह मकों ें रखा।

7 उसनिअहबनिा, ि ैं हर नहीं िकल सकता;

उसऩंकर ी।

8 बलि जब ैं रतऔर ूँ,

वह िनहीं नता।

9 उसनतरपतथरों बनकर ि,

उसनें ़ी कर ीं।

10 वह िें और कमनगबबबर ै।

11 उसनें कर ीं और ़ा ़ा करकबरकर िा।

12 उसनअपनकमींऔर अपनों िबना।

13 उसनअपनतरकश ों ों ा।

14 ैं अपनसब ों िमज़ा़, और िभर उनकचरूँ।

15 उसनतल़ी भर िऔर मदहिा।

16 उसनगऱों ाँ़े और तह ें िा।

17 सलमतरकर िा,

ैं ़ुशहगया;

18 और ैंकहा, "ैं तवाँ ,

और ़ुवनउमरही।"

19 ़्कर; बत,

ा’तल़ी और कर

20 इन ों ें ै।

21 ैं इस पर चतरहतूँ, इसिैं उमदवूँ।

22 ़ुवनशफै, ि हम नहीं , ूँि उसकरहमत ै।

23 वह हर बह ़ा ै; वफ़ा'अज़ी

24 कहा, "ि़ुवनै, इसलिउमउसै।"

25 ़ुवनउन पर महरबै, उसकतज़िैं; उस पर उसकिै।

26 ू़ि आदमउमदवरहऔर ़ा़ुवननजइनि़ाकरे।

27 आदमिहतर ि अपनजविों ें रमबरदकरे।

28 वह तनऔर ़ारहे, ूँि ़ुउस पर रखै।

29 वह अपनुँ़ापर रखे, ि यद उमरत िकले।

30 वह अपनउसकतरफे, उसतमाँरतऔर मलमत ू़

31 ूँि ़ुवनहमिरदकरा,

32 ूँि अगरचवह े, अपनशफदरयिरहम करा।

33 ूँि वह बनआदम पर ु़बत नहीं जता।

34 सब ै़िों करन

35 हकमनिहकतल़ी करना,

36 और िआदमदमिा,

़ुवननहीं सकता।

37 वह िसककहनिै,

ाँि ़ुवननहीं रमा?

38 भलऔर हकनहीं ैं?

39 इसलिआदमूँ ियत करे,

जब ि उसों सज़ा िलतो?

40 हम अपनों ूंें और ाँें,

और ़ुवनतरफिें।

41 हम अपनों िों ़ुमनआसमतरफउठँ:

42 हम और सरकशी,

ु’आफनहीं िा।

43 हम हर ाँऔर रगा;

िा, और रहम िा।

44 दलों ें मस, ि हमतक पहुँे।

45 हम ़ौों ़े करकट और नजसत बनिा।

46 हमसब मन हम पर ुँपसरतैं;

47 ़ौऔर दहशत और और हलकत हम दबा।

48 ़्तर ़ौतबि' ों नहरें ैं।

49 ऑखें अशकबैं और थमतनहीं, उनकआरनहीं,

50 जब तक ़ुवनआसमपर नजकरके;

51 ें शहर सब िों िआज़ुकरतैं।

52 मनों वजह परितरह ़ाा;

53 उनों़िें पर पतथर रखा;

54 िगया, ैंकहा, 'ैं मर िा।

55 ़ुवन, ैंतह िी;

56 आवै, आह िअपनबनकर

57 िा, नजआया; और रमा, "परो!"

58 ़ुवन, ियत और उस़ाा।

59 ़ुवन, मजी; इनकर

60 ़िउनकतमइनतक़ामऔर सब मनों ै।

61 ़ुवन, ़िउनकमलमत और उनकसब मनों ै;

62 ़ािउठउनकें और िभर ़ािें उनकमने।

63 उनकमहफ़िबरख़ाि ़िै।

64 ़ुवन, उनक'आमिउनकबदले।

65 उनकिबनि ा’नत उन पर ो।

66 यहा, हर उनकभगऔर कर े।

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