Pular para o conteúdo
Publicidade

मत्ती 11

20 उस वक़्उन शहरों मलमत करनलगिनमें उसकअकसर ि़े ़ािे; ूँि उनोंी। 21 "़ु़ी, पर अफ़्! ा, पर अफ़्! ूँि ि़े ें अगर और ें ओढकर और ़ाें कर कब कर े। 22 ैं सच कहतूँ; ि 'अदलत िऔर ़्बरयका। 23 और कफरनह, आसतक लनिएगा? आलम अरें उतरूँि ि़े ें ़ािअगर सदें आज तक ़ाईम रहता। 24 मगर ैं कहतूँ ि 'अदलत िसदइल़े ़्बरयका।"

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também