10 और देखो; वहाँ एक आदमी था जिस का हाथ सूखा हुआ था उन्होंने उस पर इल्ज़ाम लगाने के 'इरादे से ये पुछा, "क्या सबत के दिन शिफ़ा देना जायज़ है।" 11 उसने उनसे कहा, "तुम में ऐसा कौन है जिसकी एक भेड़ हो और वो सबत के दिन गड्ढे में गिर जाए तो वो उसे पकड़कर न निकाले? 12 पस आदमी की क़द्र तो भेड़ से बहुत ही ज़्यादा है; इसलिए सबत के दिन नेकी करना जायज़ है।" 13 तब उसने उस आदमी से कहा "अपना हाथ बढ़ा।" उस ने बढ़ाया और वो दूसरे हाथ की तरह दुरुस्त हो गया।