39 फिर ज़रा आगे बढ़ा और मुँह के बल गिर कर यूँ दुआ की, "ऐ मेरे बाप, अगर हो सके तो ये दुःख का प्याला मुझ से टल जाए, तोभी न जैसा मैं चाहता हूँ; बल्कि जैसा तू चाहता है वैसा ही हो।"
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39 फिर ज़रा आगे बढ़ा और मुँह के बल गिर कर यूँ दुआ की, "ऐ मेरे बाप, अगर हो सके तो ये दुःख का प्याला मुझ से टल जाए, तोभी न जैसा मैं चाहता हूँ; बल्कि जैसा तू चाहता है वैसा ही हो।"
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