33 और उस जगह जो गुल्गुता या’नी खोपड़ी की जगह कहलाती है पहुँचकर। 34 पित मिली हुई मय उसे पीने को दी, मगर उसने चख कर पीना न चाहा। 35 और उन्होंने उसे मस्लूब किया; और उसके कपड़े पर्ची डाल कर बाँट लिए।
33 और उस जगह जो गुल्गुता या’नी खोपड़ी की जगह कहलाती है पहुँचकर। 34 पित मिली हुई मय उसे पीने को दी, मगर उसने चख कर पीना न चाहा। 35 और उन्होंने उसे मस्लूब किया; और उसके कपड़े पर्ची डाल कर बाँट लिए।