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Neemias 4

मन ि़िबऩि

1 िऐसजब सनबललत हम शहरपनबनरहैं, वह जल गयऔर बह़ुऔर यहिों ठटों ें उड़ालगा। 2 और वह अपनइयों और मरिलशकर आगूँ कहनलगा, "कमज़ोयहकर रहैं? अपनिबनकरेंे? वह ़ुचढ़ाे? वह एक िें सब कर ेंे? वह जलपतथरों ़े ों ें िकर िनयकर ेंे?" 3 और ि'अमउसकखड़ा ा, तब वह कहनलगा, "वह बनरहैं, अगर उसपर मड़ी चढवह उनकपतथर शहरपनिी।" 4 े, हम़ुूँि हमि़ारत और उनकमलमत उन िपर :और ़ुें उनक़ारतगरों हवकर े। 5 और उनकाँ, और उनकमनि; ूँि उनोंे’ों मऩुिै। 6 रजहम बनरहे, और आधबलनतक ़ी गई; ूँि िलगकर करते।

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