3 बल्कि अगर तू 'अक़्ल को पुकारे,
और समझ के लिए आवाज़ बलन्द करे
5 तो तू ख़ुदावन्द के ख़ौफ़ को समझेगा,
और ख़ुदा के ज़रिए' को हासिल करेगा।
3 बल्कि अगर तू 'अक़्ल को पुकारे,
और समझ के लिए आवाज़ बलन्द करे
5 तो तू ख़ुदावन्द के ख़ौफ़ को समझेगा,
और ख़ुदा के ज़रिए' को हासिल करेगा।