22 अपने बाप का जिससे तू पैदा हुआ सुनने वाला हो,
और अपनी माँ को उसके बुढ़ापे में हक़ीर न जान।
23 सच्चाई की मोल ले और उसे बेच न डाल;
हिकमत और तरबियत और समझ को भी।
22 अपने बाप का जिससे तू पैदा हुआ सुनने वाला हो,
और अपनी माँ को उसके बुढ़ापे में हक़ीर न जान।
23 सच्चाई की मोल ले और उसे बेच न डाल;
हिकमत और तरबियत और समझ को भी।