ख़ुदावन्द में भरोसा करना
1 ऐ मेरे बेटे, मेरी ता’लीम को फ़रामोश न कर,
बल्कि तेरा दिल मेरे हुक्मों को माने,
2 क्यूँकि तू इनसे उम्र की दराज़ी और बुढ़ापा,
और सलामती हासिल करेगा।
1 ऐ मेरे बेटे, मेरी ता’लीम को फ़रामोश न कर,
बल्कि तेरा दिल मेरे हुक्मों को माने,
2 क्यूँकि तू इनसे उम्र की दराज़ी और बुढ़ापा,
और सलामती हासिल करेगा।