3 क्यूँकि बेगाना 'औरत के होटों से शहद टपकता है,
और उसका मुँह तेल से ज़्यादा चिकना है;
4 लेकिन उसका अन्जाम अज़दहे की तरह तल्ख़,
और दो धारी तलवार की तरह तेज़ है।
5 उसके पाँव मौत की तरफ़ जाते हैं,
उसके क़दम पाताल तक पहुँचते हैं।
6 इसलिए उसे ज़िन्दगी का हमवार रास्ता नहीं मिलता;
उसकी राहें बेठिकाना हैं, पर वह बेख़बर है।