पौलुस का अपने दोस्तों सलाम देना
1 मैं तुम से फ़ीबे की जो हमारी बहन और किन्ख़रिया शहर की कलीसिया की ख़ादिमा है सिफ़ारिश करता है। 2 कि तुम उसे ख़ुदावन्द में क़ुबूल करो, जैसा मुक़द्दसों को चाहिए और जिस काम में वो तुम्हारी मोहताज हो उसकी मदद करो क्यूँकि वो भी बहुतों की मददगार रही है; बल्कि मेरी भी।