20 उसने उनसे कहा, "मुझ को न’ओमी नहीं बल्कि मारह कहो, कि1:20 क़ादिर — ए — मुतलक़ खुदा क़ादिर — ए — मुतलक मेरे साथ बहुत तल्ख़ी से पेश आया है। 21 मैं भरी पूरी गई, ख़ुदावन्द मुझ को ख़ाली लौटा लाया। इसलिए तुम क्यूँ मुझे न’ओमी कहती हो, हालाँकि ख़ुदावन्द मेरे ख़िलाफ़ दा’वेदार हुआ और क़ादिर — ए — मुतलक ने मुझे दुख दिया?"