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रुत 1

8 और न’ओमअपनों बहकहा, ों अपनअपनमरहों और िा, ़ुवनहरबआए9 ़ुवनयह करि अपनअपनहर घर ें आरिे। तब उसनउनकऔर वह ़ो़ोलगीं। 10 िउन ों उससकहा, "नहीं! बलि हम कर ों ें ी।" 11 न’ओमकहा, िों, ! ूँ चलो? िहम ें और ैं हर ों? 12 िों, ! अपनो, ूँि ैं ़़्िूँ और हर करनयकनहीं। अगर ैं कहति उमबलि अगर आज हर ा, और लडे; 13 उनकबड़े तक तज़ाकरतीं और हर कर रहतीं? नहीं िों ैं वजह ़िूँ इसलिि ़ुवऩिबढ़ा 14 वह ि़ो़ों, और उऱा अपनिउससिपटरही।

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