15 जो कोयी अपनो भाऊ-बहिन सी दुस्मनी रखय हय, ऊ हत्यारों हय; अऊर तुम जानय हय कि कोयी हत्यारों म अनन्त जीवन नहीं रह्य। 16 हम न प्रेम येको सीच जान्यो कि ओन हमरो लायी अपनो जीव दे दियो; अऊर हम्ख भी भाऊवों-बहिनों को लायी जीव देनो चाहिये।
15 जो कोयी अपनो भाऊ-बहिन सी दुस्मनी रखय हय, ऊ हत्यारों हय; अऊर तुम जानय हय कि कोयी हत्यारों म अनन्त जीवन नहीं रह्य। 16 हम न प्रेम येको सीच जान्यो कि ओन हमरो लायी अपनो जीव दे दियो; अऊर हम्ख भी भाऊवों-बहिनों को लायी जीव देनो चाहिये।