23 कहालीकि तुम न नाशवान नहीं पर अविनाशी बीज सी, परमेश्वर को जीवतो अऊर हमेशा ठहरन वालो वचन को द्वारा नयो जनम पायो हय। 24 कहालीकि
जसो शास्त्र म लिख्यो हय "हर एक प्रानी घास को जसो हय,
अऊर ओकी पूरी शोभा
जंगली फूलो को जसो हय। अऊर घास सुक जावय हय।
25 पर प्रभु को वचन हमेशा हमेशा स्थिर रह्य हय।"
अऊर योच सुसमाचार को वचन हय जो तुम्ख घोषित करयो गयो होतो।