अपराधी ख माफ
5 यदि कोयी न उदास करयो हय, त मोखच नहीं बल्की कि ओको संग कड़क स्वभाव सी पेश नहीं आऊं थोड़ो-थोड़ो तुम सब ख भी उदास करयो हय। 6 असो आदमी लायी या सजा जो भाऊवों म सी बहुत सो न दियो, बहुत हय। 7 येकोलायी येको सी अच्छो यो हय कि ओको अपराध माफ करो अऊर प्रेम दिखावो, असो नहीं होय कि आदमी बहुत उदासी म डुब जाये। 8 यो वजह मय तुम सी बिनती करू हय कि ओख अपनो प्रेम को सबूत दे।