4 पर हर बात सी परमेश्वर को सेवकों को जसो अपनो सद्गुनों ख प्रगट करजे हंय, बड़ो धीरज सी, कठिनायी सी, गरीबी सी, संकटों सी, 5 ६:५ प्रेरितों १६:२३कोड़ा खानो सी, कैद होनो सी, हल्लावों सी, मेहनत करनो सी, जागतो रहनो सी, उपवास करनो सी, 6 पवित्रता सी, ज्ञान सी, धीरज सी, दयालुता सी, पवित्र आत्मा को सामर्थ सी, सच्चो प्रेम को संग, 7 सत्य को वचन सी, परमेश्वर को सामर्थ सी, सच्चायी को अवजारों सी जो दायो बायो हाथों म हंय, 8 आदर अऊर अपमान सी, बदनाम अऊर अच्छो नाम सी, यानेकि धोका देन वालो जसो मालूम होवय हंय तब भी हम सच्चायी प्रगट करजे हय; 9 बिना पहिचान वालो को जसो हंय, तब भी प्रसिद्ध हंय; मरयो हुयो को जसो हंय अऊर देखो जीन्दो हंय; मार खान वालो को जसो हंय पर जान सी मारयो नहीं जावय; 10 शोक करन वालो को जसो हंय, पर हमेशा खुशी मनावय हंय; गरीबों को जसो हंय, पर बहुतों ख धनवान बनाय देवय हंय; असो हंय जसो हमरो जवर कुछ नहाय तब भी सब कुछ रखजे हंय।
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