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2 Pedro 2

िषक

1 जसतकों भवियवको, भटकवन असतिधतें, अऊर िउऩाअऊर असकर अपनिजलवतें2 िबहउनरसपर चलें; अऊर कहि ि करय हय, उनवजह सरों सचें3 ि बनअपनयदवजह बनें, अऊर सजआजउन पर पहिभय गयहय, ओकआननह, अऊर उनिसकिहय

4 कहि जब परमवर उन वरगदों िकरयो, उननहीं ़्ो, पर नरक अनजकडिि ितक बनरहे; 5 अऊर जगत नहीं ़्बलभकिजगत पर महजल-परलय ो, पर सचरचकरन अऊर आदमिों बचिो; 6 अऊर सदअऊर अमनगरआगसजआगभसकर िि ि आवन भकिों िएक बने, 7 अऊर सचरयहिों अनिचलन बहु:टकिो। 8 कहि सचउनरहतअऊर उनअधरों अऊर , हर िअपनसचमन ़िकरत ो। 9 रभभकपऱाेंअऊर अधरिों ितक सजदशरखननय हय, 10 िकर उनअशअभिों शरअनचलतअऊर रभनय

ि अऊर हठ, अऊर ऊचपद भलकहननहीं डरय, अऊर उनकिकरय हय11 तब वरगदशकि अऊर मरिषकों बड़ो , रभआगउनभलकहनहीं लगवय12 पर ि िि जनवर जस, पकड़्अऊर भय; अऊर िों नयच नहउनसरों भलकह, ि गलजनवर जसकर िें13 सरों अनकरन बदलउनअनेंउनिपहर ग-विकरनभललगय हयि कलिअऊर अपर; जब ि हरवय-पवय , ि धड़ी अपनतरफ कर ग-विकरय 14 उनयभिबसहय, अऊर ि करयिनहीं सकयि कमजों फसवय उनमन करन अभगयहय; ि परमवर 15 ि रसभटक गय, अऊर बओर िरसपर गय, अधरमजिो; 16 अऊर ओकओख फटकपड़ी, यहां तक ि अबगधआदमभवियवकओकवलपन ो।

17 ि ुंा, अऊर उड़ादर आय; परमवर उनअननगहरअनधकठहरगयहय18 ि घमणकर कर अनिों ा, उन ों भटकिकलन तच कर रहउनिअभिों फसवय 19 ि उनवतकरन रतिकरय , पर दच रषटतवक ; कहि आदमगयहय, ओकवक बन वय हय20 जब ि रभअऊर उदरकरमसपहिजगत तरह अशधतबच िकलो, अऊर िउनफस गयो, उनिछलदशपहिभय गयहय21 कहि सचरसनहीं ननओकभलि ओख , पविआजिउनौंगयी। 22 उन पर कहवत सहठय हय, ि अपनउलतरफ अऊर करनखल वन िचलवय हय

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