7 मय अच्छी कुश्ती लड़ चुक्यो हय, मय न अपनी दौड़ पूरी कर लियो हय, मय न विश्वास की रखवाली करी हय। 8 भविष्य म मोरो लायी जीत को ईनाम रख्यो हुयो हय। जेक प्रभु, जो सच्चो अऊर सच्चायी हय, मोख ऊ दिन देयेंन, अऊर मोखच नहीं बल्की उन सब ख भी जो ओको प्रगट होन ख प्रिय जानय हंय।