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2 Tessalonicenses 1

1 १:१ प्रेरितों १७:१ मय अऊर िलवअऊर िििहय, हमरपरमवर अऊर रभमसउन ों िसलिों मणडलहय

2 हमरपरमवर अऊर रभमसतरफ अनरह अऊर ि िलतरहे।

ि

3 ऊवों अऊर बहिों, हरहमहर समय परमवर धनयवकरनिे, अऊर हय, ि हरिबहबढवय हय, अऊर सब आपस बहतच बढहय4 यहां तक ि हम परमवर मणडलहरघमणकरज, ि ितनउपदरव अऊर कठिसहय हय, उन सब हररज अऊर िरगट वय हय

5 परमवर सचपषरमहय ि परमवर यक ठहरो, ु:उठवय हय6 परमवर जवर हय ि कठिवय , उनबदलकठिे। 7 अऊर , कठिवय हय, हमरें: समय जब ि रभअपनमरों , धधकतआगवररगट ें, 8 अऊर परमवर नहीं पहिनय अऊर हमररभसमनहीं नय उन बदलें9 ि रभमनअऊर ओकशकि अननिसजें10 िें, जब अपनपविों महिअऊर सब िकरन अचमवजह आयें; सहभरहकहि हमरगवपर िकरयो।

11 हम हमहरथनकरजि हमरपरमवर हट यक समझे, अऊर भलहर एक इचअऊर िहर एक मरकरे, 12 ि हमरपरमवर अऊर रभमसअनरह अनरभमहिे, अऊर िे।

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