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Daniel 11

1 "पहिओख िमत िअऊर कत मयच खड़ो भय गयो।"

िअऊर ि

2 "अब मय सचबत, रस अब अऊर उठें; अऊर उन धनें; अऊर जब धन वजह बलवें, तब सब ों िभडें" 3 ओकएक पररमउदय ें, बड़ी शकि करेंअऊर ओख अचलगेंउच करें4 अऊर जब बड़ो ें, तब ओकें; अऊर रयिों बट ेंओकसनों नहीं िें; अऊर नहीं ओकशकि रभें, कहि ओकओक, सरिें5 "तब दकिशकिबनें: पर ओकएक सक ओकशकिें; यहां तक ि एक नयिकरें, अऊर ओकएक बहबड़ो बन ें6 कयों तन पर, ि आपस िें, अऊर दकििजवर ि ांधन ें; पर ओकशकि हमबननहीं रहें, अऊर अऊर ओकरहें; पर अपनपहुंों अऊर अपनिअऊर अपनसमलन ों समअलग कर ें7 तब एक जन ओकउठ खड़ो ेंिपर आकरमन करें, अऊर ओकिें, उनलड़ेंअऊर िजय ें8 तब उनवतों बनी, अऊर ांबहिमतबरतनों िें; तक ििरहें9 तब दकिआकरमन करन आयें, पर िअपनें"

10 "ओकलड़ाकरन एक बड़ी जमकरें, अऊर िकन जसआगबढ़ें, अऊर लड़ाओकितक िें11 तब दकिचढ़ें, अऊर िकल िकरें, अऊर लडबड़ी जमकरें, पर ओककर ें12 ओकमन घमणभर ें, अऊर ों ों िें, पर िजयनहीं ें" 13 कहि िएक सरखड़ी करें; ओकपहिबड़ी ें, अऊर कयों , एक बड़ी आगबढ़ें

14 उन िों बहदकििउठें; बलों उपदरवउठ खड़ो ें, दरशन ें; पत ि कर िें15 तब िआय बनकरेंअऊर मजबनगर ें; अऊर दकिखड़ी रहेंअऊर बड़ो , कहलि खड़ो रहन कत नहीं रहें16 तब उनिआयेंजसेंवसकरेंअऊर ओकआगठहयर नहीं सकेंअपनआप दर खड़ो करेंअऊर ओकजवर ओख करन शकि ें17 तब अपनकत सम, कयों धर आन लगें, अऊर अपनइचअनकरेंओख एक ेंि ओकि़्े; पर नहीं रहें, ें18 तब अपनसमदर तटपर लगेंअऊर उनकयपर अपनअधिकर ें, पर एक पति ओकअहअनओकबदलें19 तब अपनगढ़ों तरफ ुंें, अऊर कर िें, अऊर ओकें20 "तब ओकअसउठें, जकिभय बनरखन कर जमकरन ेंिों ें, पर लड़ाकरयिें"

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21 "ओकएक आदमउठें, जपरतिपहिनहीं ें, तब समय आय िकनपड़ी ों िकरें" 22 तब ओकआगतरह ें, बलहमररमयकि ी, ें23 कहि ओकांधन पर छल करें, अऊर ़ोों िशकि पर सन करें24 जब धनरकिमहसकर रहतब ऊच समय उनपर आकरमन करें; अऊर अससफलतिकरें, जसओकपदों अऊर नहीं ओकवजों करयो। अऊर िगयिअऊर यजअपनों ेंितन जनबनें, पर समय ी। 25 तब दकििबड़ी िअपनकत अऊर िमत बढ़ाें, अऊर बहबड़ी अऊर मरिलड़ाकरेंपर ठहर नहीं सकें, कहि ओकििकरें26 यहां तक ि करयगयो, वन िओख करन िकरें, ओकभगिेंअऊर बहलड़ारयें27 तब उन िों ों मन करनलगें, यहां तक ि ि एकच पर आपस ें, पर बन नहीं पड़ें; कहि इन सब ों अनठहयरगयसमय सब हय28 तब िबड़ी िअपनिें, अऊर ओकमन पवििउभरें, अऊर अपनइचकर अपनें29 "ठहयरगयसमय पर िदकितरफ ें, पर िछलजसइस ओकवश नहीं चलें30 कहि ििों जहों ओकिआयें, अऊर उदें," अऊर पविपर िअपनइचकरेंपविि ें31 तब ओकिों दल खड़ो , मजबपविअऊर गढअपविकरें, अऊर हर िमबलि बनकरेंि िखड़ो करेंउजकरवय हय; 32 अऊर ़ें, ओख िकनपड़ी कहबहकें; पर अपनपरमवर नत ो, ि िमत रख बड़ो करें33 ों ििजन बहों समझें, तब ि बहितक तलवमर अऊर आगजर , अऊर अऊर उनयज, बड़ो ु:पड़्रहें34 जब ि ु:पड़ेंतब उऩी मदत िें, पर बहिकनपड़ी कहउन िें; 35 अऊर िों ितनिें, अऊर िरनेंि ांे, अऊर परखअऊर अपनिअऊर उजलकरये। दशअनसमय तक बनरहें, कहि इन सब ों अनठहयरसमय हय36 "तब िअपनइचअनकरें, अऊर अपनआप वतों अऊर बड़ो ठहयरें; बलसब वतों परमवर िकहेंजब तक परमवर नहीं ेंतब तक सफल रहें; कहि कयिचय कर हय जररच हय 37 अपनपदों परमवर तरफ ें, अऊर िों लसतरफ अऊर वतों तरफ करें; कहि अपनआप सब बड़ो समझें38 पदों वतों समबदलिवतों समकरें, िउनपदों नहीं ें, उनो, ांी, िमतमनि अऊर मनभवनिचढ़ाओकसमकरें39 परवतसहबहगढ़ों लड़ें, अऊर ओख ेंओख बड़ी रतिेंअसों बहों ऊपर रभें, अऊर अपनअपनजमांें" 40 "आखरसमय दकिउनलड़ाकरें; पर िओकपर बवणडर जसबहरथ सवअऊर जहचढ़ाकरें; ि बहों ें, अऊर उनिकल ें41 दर आयें, अऊर बहउजडें, पर एदी, आबअऊर अमों ओकबच ें42 कयों पर आकरमन करेंअऊर िनहीं बचें43 िांखजों अऊर सब मनभवनिों ें; अऊर अऊर ओकअधिें44 उच समय अऊर उततर िों समें, अऊर बड़ो आय बहसतकरन िकलें45 अपनजकतमसमदर अऊर दर पविपह़ी खड़ो करेंतब ओकअनें, अऊर ओकमदत नहीं आयें"

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