Pular para o conteúdo
Publicidade

Daniel 4

नबकदनसर सरसपन

1 नबकदनसर तरफ श-दअऊर य-रों, अऊर अलग-अलग लन ितनधरतपर रहहय, उन सभवचन ि: "बहि िे!" 2 अचलगो, ि परमपरधपरमवर िअऊर चमतिहय, उनरगट करूं। 3 ओकििबड़ो, अऊर ओकचमतों बड़ी शकि रगट वय हय! ओकहमअऊर ओकसन ़ी ़ी तक बनरहहय4 "मय, नबकदनसर, अपनभवन अऊर वन रहो।" 5 मय अससपनवजह मय डर गयो; अऊर पलपर पड़्पड़्िमन आयअऊर ें मय ी, उनवजह मय घबरगयो। 6 तब मय आजि सब िसपनअरबतवन आगिकरये। 7 जब िी, ां, कसदअऊर नहबतअनदर आयो, अऊर मय उनअपनसपननहीं बतो, पर ि ओकअरनहीं बतसको। 8 आखरिजवर आयो, वतवजह लतशससर रखगयो, अऊर पविईशवरों आतरहहय; अऊर मय ओख अपनसपनकहबति: 9 लतशससर, तय सब ििों रधहय, मय हय ि पविईशवरों आतरहहय, अऊर वजह नहीं घबरवय; सपनमय हय ओख अरसहबतसमझे। 10 जब मय ितर पर ो, तब मय दरशन : मय ो, ि धरतएक लगहय; ओकबहबड़ी हय11 बड़ो मजबभय गयो, अऊर ओकआसमतक पहुंी, अऊर धरततक िपडो। 12 ओकपतदर, अऊर ओकबहफर ो, यहां तक ि ओकजन ो, ओकखलसब जनवरों िलत ी, अऊर ओकडगिों आसमसब ि़िां बसकरत ी, अऊर सब जनवर जन िलत ो। 13 "मय ितर पर दरशन समय ो, ि एक पविवरगदवरउतर आयो।" 14 ओन आवकहो, "ो, ओकडगिों ांो, ओकपतझड़ाअऊर ओकफर िखरो; अऊर जनवर ओकखलहट े, अऊर ि़िां ओकडगिों पर उडे। 15 तब ओकजड़ी समजम़ो, अऊर ओख अऊर तल बनधन ांहररहन ो। आसमओस िअऊर जमजनवरों सहभो।" 16 ओकमन बदलअऊर आदमरहे, पर जनवर जसबन े; अऊर ओकपर ें। 17 आजपहरिनय ी, अऊर पविों वचन िकली, ि हय ि ि परमपरधपरमवर आदमिों सन करय हय, अऊर ओख ओख वय हय, अऊर आदमओकपर अधिठहयरवय हय18 नबकदनसर सपनो। लतशससर, तय अरबता, कहि अऊर िअरसमझनहीं सकय, पर पविईशवरों आतरहहय, वजह तय ओख समझसकय हय

िसपनअरबत

19 तब िलतशससर ो, घड़ी भर घबररहो, अऊर चतचतभय गयो। तब कहन लगो, "लतशससर, सपनी, अरतय मत ो।" लतशससर कहो, "रभु, सपननफरत करन ों पर, अऊर अरिों पर पड़े! 20 तय ो, बड़ो मजबभय गयो, अऊर आसमवन लगअऊर धरतसकत ो; 21 पतदर अऊर फर बहो, अऊर सभवन ो; खलसब जनवर रहत ो, अऊर िों आसमि़िां बसकरत ी, 22 ा, तयच आयतय महअऊर मरभय गयो, महबढ़ी हय अऊर आसमवन लगहय, अऊर रभधरततक हय23 ा, तय एक पविवरगदवरउतरतअऊर कहयति अऊर ओककरो, तब ओकजड़ी समजम़ो, अऊर अऊर तल बनधन ांहररहन ो; आसमओस िें, अऊर ओख जनवरों गच िे; अऊर जब तक ओकपर ें; तब तक ओकअसदशरहें24 ा, अरपरमपरधिहय ि पर घटे, आय, 25 ि तय आदमिों िकलों, अऊर जनवरों रहयजों; तय बईल जसचरजअऊर आसमओस िो; अऊर पर ें, जब तक ि तय ि आदमिों परमपरधनच रभकरय हय, अऊर ओख वय हय26 जड़ी समआजभयहय, अरहय ि बनरहें; अऊर जब तय ि जगत रभवरगच हय, तब तय िकरनों। 27 वजह, ा, सलकर, ि यदि तय धरकरन लगजो, अऊर अधरगरपर दयकरन लगजो, समभव हय ि असकरनबनरहें" 28 सब नबकदनसर पर गयी। 29 महतन पर जब जभवन छत पर टहल रहो, तब कहन लगो, 30 "बड़ो , मय नच अपनकत अऊर मरजनिअऊर अपनरतबड़ाबसहय?" 31 वचन ुंिकलनहीं ि आकशवभयी, "नबकदनसर, आजिकलय हय : िकल गयो, 32 अऊर तय आदमिों िों, अऊर जनवरों रहयजो; अऊर बईल जसचरजो; अऊर पर ें, जब तक ि तय ि परमपरध, आदमिों रभकरय हय अऊर ओख वय हय" 33 उच घड़ी वचन नबकदनसर भयो। आदमिों िगयो, अऊर बईल जसचरन लगो, अऊर ओकशरआसमओस िो, यहां तक ि ओकिजसअऊर ओकनख पकजसबढगयो।

नबकदनसर परमवर ि

34 तन पर, नबकदनसर अपनवरतरफ उठो, अऊर ि िजसवसभय गयी; तब मय परमपरधधनकहो, अऊर हमहय ओकि अऊर महिकहकरन लग: ओकरभसदहय, अऊर ओक़ी ़ी तक बनरहन हय35 धरतसब रहन ओकआगिवय हय, अऊर वरअऊर धरतरहन अपनइचअनकरय हय; अऊर ओख ओकनहीं कहसकय हय, "तय करयहय?" 36 उच समय, ि िजसवसभय गयी; अऊर महरतअऊर पर िआय गयो। मनअऊर रधेंकरन आवन लगो, अऊर मय अपनिभय गयो; अऊर अऊर रशलगी। 37 अब मय नबकदनसर वरसरहतहय; अऊर ओकि महिकरहय, कहि ओकसब सचो, अऊर ओकसब यवहहय; अऊर घमणचलय हय, उनखलकर सकय हय

Veja também