7 अऊर ऊ सेवा ख आदमियों को जसो नहीं पर प्रभु की सेवा जान क सच्चो दिल सी करो। 8 कहालीकि तुम जानय हय कि हर एक आदमी, चाहे ऊ सेवक हो या स्वतंत्र, जो भी भलायी करेंन, वसोच ऊ प्रभु सी इनाम हासिल करेंन।
7 अऊर ऊ सेवा ख आदमियों को जसो नहीं पर प्रभु की सेवा जान क सच्चो दिल सी करो। 8 कहालीकि तुम जानय हय कि हर एक आदमी, चाहे ऊ सेवक हो या स्वतंत्र, जो भी भलायी करेंन, वसोच ऊ प्रभु सी इनाम हासिल करेंन।