एक दूसरों को बोझ उठानो
1 हे भाऊवों अऊर बहिनों, यदि कोयी आदमी कोयी अपराध म पकड़्यो भी जाये त तुम जो आत्मिक हो, नम्रता को संग असो ख सम्भालो, अऊर अपनी भी चौकसी रखो कि तुम भी परीक्षा म मत पड़ो। 2 तुम एक दूसरों ख बोझ उठावों, अऊर यो तरह मसीह की व्यवस्था ख पूरो करो।