5 का तुम ऊ प्रोत्साहन को शब्द ख जो परमेश्वर न ओको टुरा जान क तुम सी कह्यो का तुम भूल गयो हय:
"हे मोरो टुरा, जब परमेश्वर तोख सुधारय त ध्यान लगाव,
अऊर जब ऊ तोख ताड़ना करेंन त निराश मत हो।
6 कहालीकि प्रभु जेकोसी प्रेम करय हय,
अऊर जेक टुरा बनाय लेवय हय, ओख सजा भी देवय हय।"
7 तुम दु:ख ख ताड़ना समझ क सह लेवो; परमेश्वर तुम ख बेटा जान क तुम्हरो संग बर्ताव करय हय। ऊ कौन सो बेटा आय जेकी ताड़ना बाप नहीं करय? 8 यदि तुम्ख ताड़ना नहीं दी गयी हय जसो सब ताड़ना को भागी होवय हय, त तुम अपनो बाप सी पैदा हुयो टुरा नोहोय त तुम सच्ची सन्तान नोहोय। 9 फिर जब कि हमरो शारीरिक बाप भी हमरी ताड़ना करत होतो अऊर हम न उन्को आदर करयो। त का आत्मिक बाप को अधीन रह्य क जीवन नहीं जीबो। 10 हमरो शारीरिक बापदादों न जसो उन्न उत्तम समझ्यो हम्ख ताड़ना करी पर परमेश्वर हमरी भलायी लायी ताड़ना करय हय जेकोसी हम ओकी पवित्रता को सहभागी होय सके। 11 वर्तमान म हर एक तरह की ताड़ना खुशी की नहीं, पर दु:ख की बात लगय हय; तब भी जो ओख सहतो सहतो पक्को भय गयो हय, तब उन्ख सच्चायी, जीवन अऊर शान्ति को प्रतिफल मिलय हय।