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यूहन्ना 14

16 मय िनतकरू, अऊर एक अऊर सहयक ेंि हमहररहें" 17 ि सतआता, जगत नहीं कर सकय, कहि नहीं ओख खय हय अऊर नहीं ओख नय हय; ओख नय हय, कहि हररहहय, अऊर रहें

18 "मय अननहीं ़ूं; मय हरजवर आऊं। 19 अऊर ़ी रह गयहय ि िजगत नहीं ें, पर ें; ि मय हय, रहें20 िेंि मय अपनहय, अऊर , अऊर मय "

21 जवर आजअऊर उननय हय, उच रखय हय; अऊर रखय हय ओकरखें, अऊर मय ओकरखअऊर अपनआप ओकपर रगट करू।

22 यहइसकरिनहीं ो, ओककहो, "रभु, भयि तय अपनआप हम पर रगट करनहवय हय अऊर जगत पर नहीं?"

23 ओख उततर िो, "यदि रखेंवचन ें, अऊर ओकरखें, अऊर हम ओकजवर आबअऊर ओकरहबो। 24 नहीं रखय, वचन नहीं नय; अऊर वचन नय हय नहीं बलहय, ो।"

25 "मय हररहतकहीं। 26 पर सहयक ि पविआतें, सब िें, अऊर मय कहहय, सब िें"

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