समापन
25 अऊर भी बहुत सो काम हंय, जो यीशु न करयो; यदि हि एक एक कर क् लिख्यो जातो, त मय समझू हय कि किताबे जो लिख्यो जाती हि जगत म भी नहीं समाती।
25 अऊर भी बहुत सो काम हंय, जो यीशु न करयो; यदि हि एक एक कर क् लिख्यो जातो, त मय समझू हय कि किताबे जो लिख्यो जाती हि जगत म भी नहीं समाती।