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Marcos 2

3 अऊर एक लकवआदमउठजवर ो। 4 पर जब ि वजह ओकजवर नहीं पहुंसको। उनघर ऊपर छत ििो। अऊर जब ि छत उधडिो, खटिलकवपडो, ओख छत पर जमपर उतिो। 5 , उनिलकवकहो, "ा, भयो।"

6 तब बहधरमशउत ो, अपनो-अपनमन िकरन लगो, 7 "आदमकसकरन िमत करय हय? परमवर िकरय हय! परमवर अलअऊर कर सकय हय?"

8 अपनआतिि ि अपनो-अपनमन असिकर रहहय, अऊर उनकहो, "अपनो-अपनमन िकहकर रहहय? 9 कहनसहज हय? लकवि भयो, ां कहनि उठ अपनखटिउठचल ि?10 लकवकहो, ि आदमधरतपर करन अधिहय" 11 "मय कहूं हय, उठ, अपनखटिउठअपनघर चला।"

12 उठअऊर रतच खटिउठसब मनिकल चलगयो; पर सब अचमिभयो, अऊर परमवर ि बड़ाकर कहन लगो, "हम असकभनहीं ो!"

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