21 जब हेरोदियास ख मौका मिल्यो। तब हेरोदेस न अपनो जनम दिन म अपनो प्रधानों, अऊर सेनापतियों, अऊर गलील को मुख्य लोगों ख जेवन म नेवता दियो। 22 त हेरोदियास की बेटी अन्दर आयी, अऊर नाच क हेरोदेस अऊर ओको संग बैठन वालो मुख्य लोगों ख खुश करयो। त राजा न टुरी सी कह्यो, "तय जो चाहवय हय मोरो सी मांग मय तोख देऊ।"
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