मिर्गी की दुष्ट आत्मा सी पीड़ित बच्चा ख चंगायी
14 जब हि भीड़ को जवर पहुंच्यो, त एक आदमी यीशु को जवर आयो, अऊर ओको आगु घुटना टेक क कहन लग्यो, 15 "हे प्रभु, मोरो बेटा पर दया कर! कहालीकि ओख मिर्गी आवय हय, अऊर ऊ बहुत दु:ख उठावय हय; अऊर बार-बार कभी आगी अऊर कभी पानी म गिर पड़य हय। 16 मय ओख तोरो चेलावों को जवर लायो होतो, पर हि ओख चंगो नहीं कर सक्यो।"
17 यीशु न उत्तर दियो, "हे अविश्वासी अऊर जिद्दी लोगों, मय कब तक तुम्हरो संग रहूं? मय कब तक तुम्हरी सहूं? ओख इत मोरो जवर लावो।" 18 तब यीशु न दुष्ट आत्मा ख डाट्यो, अऊर वा ओको म सी निकल गयी; अऊर बेटा उच घड़ी चंगो भय गयो।